“बोर्ड परीक्षा में पेपर लीक का हड़कंप! सोशल मीडिया में वायरल सवालों पर मचा बवाल, मण्डल ने दर्ज कराई FIR—अब पुलिस और साइबर सेल की जांच”

“बोर्ड परीक्षा में पेपर लीक का हड़कंप! सोशल मीडिया में वायरल सवालों पर मचा बवाल, मण्डल ने दर्ज कराई FIR—अब पुलिस और साइबर सेल की जांच”
रायपुर, 16 मार्च 2026। छत्तीसगढ़ में बोर्ड परीक्षा के बीच प्रश्नपत्र लीक की आशंका ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल एक हस्तलिखित पर्चे में कक्षा 12वीं हिन्दी विषय के सवाल परीक्षा से पहले वायरल होने का दावा किया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल ने FIR दर्ज कराते हुए पुलिस और साइबर सेल से जांच शुरू करा दी है।
जानकारी के अनुसार 14 मार्च 2026 को कक्षा 12वीं हिन्दी विषय की बोर्ड परीक्षा प्रदेश भर में संपन्न हुई थी। परीक्षा के बाद 15 मार्च की शाम सोशल मीडिया (व्हाट्सएप) पर एक हस्तलिखित पर्चा वायरल होने की जानकारी मण्डल को मिली। इसके बाद 16 मार्च को मीडिया रिपोर्ट्स में भी यह दावा सामने आया कि छात्र संगठनों के अनुसार यह पर्चा 13 मार्च को ही सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था, यानी परीक्षा से एक दिन पहले।मीडिया में प्रकाशित खबरों के मुताबिक वायरल पर्चे में लिखे सवाल और परीक्षा में पूछे गए हिन्दी विषय के ‘बी-सेट’ प्रश्नपत्र के सवालों में समानता होने का दावा किया जा रहा है। इस दावे ने परीक्षा प्रणाली की गोपनीयता और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।हालांकि माध्यमिक शिक्षा मण्डल का कहना है कि सोशल मीडिया में वायरल पर्चा स्पष्ट और पूरी तरह पढ़ने योग्य नहीं है, इसलिए अभी उसकी सत्यता की सीधी पुष्टि नहीं हो पा रही है। मण्डल ने यह भी कहा कि जो वीडियो और सामग्री सामने आई है, वह परीक्षा खत्म होने के बाद सामने आई, इसलिए प्रथम दृष्टया इसे सीधे प्रश्नपत्र लीक की घटना मानना संभव नहीं है।
फिर भी मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मण्डल ने एहतियातन FIR दर्ज कराते हुए पुलिस और साइबर सेल को जांच सौंप दी है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वायरल पर्चा असली है या फर्जी और इसे किसने फैलाया। माध्यमिक शिक्षा मण्डल के सचिव ने स्पष्ट किया है कि बोर्ड परीक्षाओं की गोपनीयता और पारदर्शिता बनाए रखना मण्डल की सर्वोच्च प्राथमिकता है। यदि जांच में किसी भी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही सामने आती है, तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद छात्रों और अभिभावकों में भी असमंजस की स्थिति बन गई है, वहीं छात्र संगठन इस मामले की उच्च स्तरीय जांच और सच्चाई सामने लाने की मांग कर रहे हैं।















